सारनाथ पुनर्विकास व यूनेस्को सूचीSarnath redevelopment & UNESCO listing
बौद्ध स्थल के आसपास पैदल-अनुकूल सड़कें, नए सीवर और जल निकासी, और व्यवस्थित वेंडिंग ज़ोन प्रधानमंत्री ने लोकार्पित किए; सारनाथ और मैदागिन में फ़ूड स्ट्रीट हब भी। 25 जुलाई 2026 को 'प्राचीन बौद्ध स्थल, सारनाथ' यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ, भारत का 45वाँ, और धरोहर क्षेत्र के 100 मीटर के भीतर निर्माण अब वर्जित है।

समय-रेखा
पर्यटन कार्य लोकार्पित 2024–25 · यूनेस्को सूची 25 जुलाई 2026 · धरोहर क्षेत्र में भवन जाँच सितंबर 2026 से
कैसे पहुँचें
- वाराणसी जंक्शन (कैंट) स्टेशन से सीधी रेखा में 7 किमी
- लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा से सीधी रेखा में 18.4 किमी
- गोदौलिया चौराहा, जहाँ पुराने शहर के लिए गाड़ियाँ रुकती हैं से सीधी रेखा में 8.1 किमी
ये सीधी दूरियाँ हैं; गलियों से सड़क मार्ग इससे लंबा है।
स्रोत: UNESCO — Ancient Buddhist Site of Sarnath inscribed · PM inaugurates development projects in Varanasi



