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यात्रा-योजनाItineraries

तीन प्लान, हर एक सूर्योदय से पहले शुरू और शाम की आरती पर ख़त्म: एक दिन नदी पर, दो दिन सारनाथ के साथ, तीन दिन हर आस्था के स्थलों के साथ। हर एक के साथ समय, प्रवेश शुल्क और नक्शा।

प्लान

दो दिन में वाराणसीबनारस घूमने का खर्चकाशी का नक़्शा

यात्रा-योजना से जुड़े सवाल

वाराणसी के लिए कितने दिन काफ़ी हैं?

दो दिन में भोर और शाम के घाट, काशी विश्वनाथ, पुराने शहर की गलियाँ और आधे दिन में सारनाथ हो जाते हैं। एक दिन में नदी, मंदिर और शाम की आरती हो सकती है। तीसरा दिन जैन, भक्ति, सिख, इस्लामी और ईसाई स्थल और आराम से घूमना जोड़ता है।

वाराणसी एक दिन में कैसे घूमें?

लगभग सुबह 5:30 बजे अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस से शुरू करें, नाव से दशाश्वमेध जाएँ, लगभग 8 बजे काशी विश्वनाथ के दर्शन करें, गलियों में कचौड़ी-सब्ज़ी खाएँ, दोपहर की गर्मी में आराम करें, और शाम को दशाश्वमेध पर गंगा आरती से दिन पूरा करें।

दिन कितने बजे शुरू करें?

सूर्योदय से पहले। अस्सी पर सुबह की आरती भोर से पहले शुरू होती है, नदी तब सबसे शांत होती है, और काशी विश्वनाथ की कतार सुबह छोटी होती है। सबसे गर्म घंटे, लगभग 12 से 4 बजे, आराम या अंदर के स्थलों के लिए रखें।

क्या इन प्लान के लिए कुछ बुक करना होगा?

अधिकतर स्थल निःशुल्क हैं और बुकिंग नहीं चाहिए। ट्रेन और घाट के पास के कमरे, काशी विश्वनाथ का सुगम दर्शन या मंगला आरती (केवल न्यास की आधिकारिक वेबसाइट से), और त्योहार की शाम की नाव पहले से बुक करें। सारनाथ के स्थल और संग्रहालय का टिकट गेट पर मिलता है।

स्रोत: Shri Kashi Vishwanath Temple Trust — rituals and timings · Subah-e-Banaras (official) · Archaeological Survey of India — Sarnath