हम कंटेंट कैसे बनाते हैंHow we make content
काशीद्वार एक ऐसी गाइड है जिससे लोग असली यात्राओं की योजना बनाते हैं: आरती का गलत समय या किसी त्योहार की बदली हुई तारीख यात्री की पूरी सुबह खराब कर सकती है। इस पेज पर बताया गया है कि हमारी जानकारी कहाँ से आती है, उसकी जाँच कैसे होती है, साइट कैसे अपडेट रहती है, और कोई गलती दिखे तो हमें कैसे बताएँ।
जानकारी कहाँ से आती है
इस साइट का हर स्थान, त्योहार, परियोजना और गाइड उन स्रोतों की सूची देता है जिन पर वह आधारित है, साथ में हर स्रोत को पढ़ने की तारीख। आप कोई भी स्रोत खोलकर खुद तथ्य जाँच सकते हैं।
- सबसे पहले आधिकारिक स्रोत: मंदिर और गुरुद्वारा ट्रस्ट, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, उत्तर प्रदेश सरकार और वाराणसी ज़िला प्रशासन, पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), भारतीय रेल, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और भारतीय रिज़र्व बैंक।
- फिर प्रतिष्ठित अख़बार, जैसे अमर उजाला, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान, द हिन्दू, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया और द इंडियन एक्सप्रेस, जब किसी आधिकारिक स्रोत ने वह जानकारी प्रकाशित न की हो।
- ब्लॉग, ट्रैवल एजेंसियाँ और बुकिंग साइटें अकेले कभी स्रोत नहीं मानी जातीं। जब हम किसी बुकिंग साइट की सीधे प्रकाशित जानकारी लेते हैं, जैसे उड़ानों का शेड्यूल, तो पेज यह बताता है और पढ़ने की तारीख देता है।
प्रकाशित करने से पहले तथ्य की जाँच कैसे होती है
कोई तथ्य साइट पर तभी आता है जब कोई भरोसेमंद स्रोत उसे बताता है। जब स्रोतों में अंतर हो, तो हम यह बता देते हैं या वह आँकड़ा छोड़ देते हैं; सबसे आकर्षक आँकड़ा नहीं चुनते।
- त्योहारों की तिथियाँ चंद्र पंचांग पर चलती हैं। हर तारीख किसी प्रकाशित पंचांग या आधिकारिक अवकाश सूची से ली जाती है, और जिस त्योहार की तारीख घोषित नहीं हुई, उस पर यही लिखा होता है।
- खुलने का समय, शुल्क और नियम उसी संस्था से लिए जाते हैं जो उन्हें तय करती है। अनुमानित समय के साथ "लगभग" या "आमतौर पर" लिखा होता है।
- सरकारी परियोजनाओं की स्थिति (पूर्ण, निर्माणाधीन या घोषित) और आख़िरी जाँच की तारीख दिखाई जाती है। जिस स्थिति की पुष्टि कोई आधिकारिक स्रोत न करे, उसे अपुष्ट लिखा जाता है।
- जिस बात की हम पुष्टि नहीं कर सके, उसे पेज पर "आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं" लिखा जाता है, तथ्य की तरह नहीं।
साइट अपडेट कैसे रहती है
कंटेंट की समीक्षा हर दिन होती है, एक बार में साइट का एक हिस्सा: स्थान, त्योहार, परियोजनाएँ, खान-पान या गाइड। हर समीक्षा में आधिकारिक स्रोत और ख़बरें दोबारा पढ़ी जाती हैं, जैसे मंदिर का नया समय, नई उड़ान, कोई परियोजना जो शुरू हो गई, या किसी त्योहार के कार्यक्रम की घोषणा। महीने में एक बार पूरी साइट की समीक्षा होती है।
त्योहार के पेज हमेशा अगली तारीख दिखाते हैं, और साइट हर सोमवार दोबारा बनती है ताकि ये तारीखें अपने आप आगे बढ़ें। गाइड बताती हैं कि वे पहली बार कब प्रकाशित हुईं और आख़िरी बार कब अपडेट हुईं, और इस पेज के अंत की सूची दिखाती है कि हाल में क्या जाँचा गया।
हम एआई टूल का उपयोग कैसे करते हैं
शोध, लेखन और रोज़ की समीक्षा में एआई टूल की मदद ली जाती है। इससे ऊपर के नियम नहीं बदलते: पेज का हर तथ्य उसी पेज पर दिए किसी स्रोत से जुड़ा होना चाहिए, और यहाँ बताई गई जाँच हर बदलाव पर लागू होती है।
हिंदी और अंग्रेज़ी के पेज मूल हैं। बाकी ग्यारह भारतीय भाषाओं के पेज मशीन की मदद से किए गए अनुवाद हैं, जिन्हें अभी मूल भाषी पाठकों ने नहीं जाँचा है। अगर आपकी भाषा में कुछ गलत लगे, तो हमें बताइए।
सुधार
अगर आपको कोई गलती, पुराना समय या छूटा हुआ स्रोत दिखे, तो पेज का पता और हो सके तो स्रोत का लिंक लिखकर हमें भेजें। हम उसे स्रोत से मिलाते हैं, पेज सुधारते हैं और उसकी "अपडेट" तारीख बदलते हैं। सुधार छिपाए नहीं जाते: पुराना आँकड़ा जाँचे हुए आँकड़े से बदला जाता है।
स्वतंत्रता, विज्ञापन और प्रमोशन
काशीद्वार स्वतंत्र है। इसे कोई सरकारी संस्था, मंदिर ट्रस्ट या टूर ऑपरेटर नहीं चलाता, और यह टूर, नाव, कमरे या दर्शन टिकट नहीं बेचता। किसी को शामिल होने या किसी ख़ास तरह से दिखाए जाने के लिए पैसे नहीं देने पड़ते।
साइट पर विज्ञापन और तीसरे पक्ष के उत्पादों, जैसे एक ट्रैवल क्रेडिट कार्ड, के प्रमोशन कार्ड दिख सकते हैं। ये गाइड के लेख से अलग रखे जाते हैं और यह तय नहीं करते कि हम क्या लिखें। गोपनीयता नीति में बताया गया है कि ये कैसे काम करते हैं।
हाल में जाँचे गए पेज
नीचे के पेज सबसे हाल में अपने स्रोतों से मिलाए गए, नए पहले।
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- देव दीपावली (देव दिवाली) 2026 कब है: 24 नवंबर, वाराणसी में नाव और क्रूज़ बुकिंग
- मसान होली 2027 कब है: 19 मार्च, मणिकर्णिका, वाराणसी
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- रविदास जयंती 2027 कब है: 20 फ़रवरी, सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी
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- वाराणसी रिंग रोड
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