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नमो घाट से दिखता गंगा पर मालवीय पुल, अग्रभाग में बंधी पर्यटक नावें, नीला दोपहर का आकाश।
काशी यात्रा गाइड

गंगा महोत्सव 2026 कब है: 20–23 नवंबर (प्रस्तावित), राजघाट, वाराणसीGanga Mahotsav 2026 Varanasi: Date 20–23 Nov (Proposed), Rajghat

आने वाला आयोजन: 20 नवंबर – 23 नवंबर 2026

Kashidwar द्वारा ·

  • तिथि20–23 नवंबर 2026 (प्रस्तावित, आधिकारिक घोषणा बाकी)
  • कहाँमुख्य मंच राजघाट पर; नमो घाट पर भी कार्यक्रम
  • समय2026 का समय घोषित नहीं; 2025 में शाम 4 बजे से
  • प्रवेशखुले मंच पर; 2025 में निःशुल्क बताया गया, 2026 की घोषणा बाकी
  • उसके बादमंगलवार 24 नवंबर को देव दीपावली

गंगा महोत्सव वाराणसी में गंगा किनारे शास्त्रीय संगीत, नृत्य और लोककला का उत्सव है, जो देव दीपावली से पहले की शामों में होता है। 2026 में यह 20–23 नवंबर को प्रस्तावित है। मुख्य मंच राजघाट पर होगा और नमो घाट पर भी कार्यक्रम होंगे। तारीख़ों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। यहाँ जानिए क्या पक्का है, किसका इंतज़ार है, और पिछले आयोजन कैसे रहे।

गंगा महोत्सव 2026 कब है: 20–23 नवंबर (प्रस्तावित)

आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं — यात्रा से पहले जाँच लें

वाराणसी में गंगा महोत्सव 2026 शुक्रवार 20 नवंबर से सोमवार 23 नवंबर तक प्रस्तावित है, यानी मंगलवार 24 नवंबर की देव दीपावली से पहले की चार शामें। ये तारीख़ें 18 अगस्त 2026 को मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में हुई तैयारी बैठक की स्थानीय ख़बरों से आई हैं। देसी ख़बर और लाइव आर्यावर्त दोनों ने बैठक की यही जानकारी दी, और अक्टूबर की शुरुआत में नवभारत लाइव ने भी 20–23 नवंबर ही लिखा।

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अंतिम कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है। उसी बैठक पर एएनआई की रिपोर्ट में कोई तारीख़ नहीं है, और 4 नवंबर 2026 तक हमें उत्तर प्रदेश पर्यटन या ज़िला प्रशासन का कोई कार्यक्रम नहीं मिला। जब तक आधिकारिक सूची न आए, 20–23 नवंबर को प्रस्तावित तारीख़ ही मानें। आम तौर पर सूची महोत्सव से कुछ दिन पहले आती है: 2025 में कलाकारों की सूची 28–29 अक्टूबर को आई थी, उद्घाटन से तीन दिन पहले।

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गंगा महोत्सव कहाँ मनाया जाता है?

गंगा महोत्सव वाराणसी के घाटों पर, गंगा के किनारे ही मनाया जाता है। 2026 में मुख्य कार्यक्रम राजघाट पर प्रस्तावित है, और उसके उत्तर में बगल वाले नमो घाट पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 2025 में भी यही व्यवस्था थी, जब महोत्सव 1–4 नवंबर तक राजघाट और नमो घाट पर हुआ था।

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बीते वर्षों में स्थान बदलता रहा है, इसलिए पुराने लेख भ्रम पैदा कर सकते हैं। 2006 में उद्घाटन का कथक दशाश्वमेध के पास राजेंद्र प्रसाद घाट पर हुआ था। बाद के आयोजन राजघाट पर हुए। 2024 में महोत्सव पहली बार अस्सी घाट पर हुआ और 2025 में फिर राजघाट लौट आया। उत्तर प्रदेश पर्यटन महोत्सव के तहत एक शिल्प मेला भी लगाता है, जो नदी से दूर चौका घाट स्थित अर्बन हाट (सांस्कृतिक संकुल) में होता है।

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गंगा महोत्सव में क्या होता है

गंगा महोत्सव मूल रूप से नदी किनारे खुले मंच पर शाम की संगीत-नृत्य सभाओं की शृंखला है: हिंदुस्तानी गायन और वादन, शास्त्रीय नृत्य, लोकगीत और भजन। उत्तर प्रदेश पर्यटन के अनुसार इसका समापन देव दीपावली के साथ होता है, और विभाग के पेज पर 20 से अधिक राज्यों के कारीगरों वाला दस दिन का राष्ट्रीय शिल्प बाज़ार, गंगा मैराथन, देसी नौका दौड़ और पारंपरिक कुश्ती का भी ज़िक्र है। यह पेज जनवरी 2022 के बाद अपडेट नहीं हुआ, इसलिए ज़रूरी नहीं कि ये सभी आयोजन हर साल हों।

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2026 के लिए मंडल प्रशासन ने अधिकारियों से कहा है कि आमंत्रित कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिले: काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव के विजेता और राजघाट के पास चल रहे गुरुकुल के विद्यार्थी। प्रमुख घाटों और होटलों पर ओडीओपी (एक ज़िला एक उत्पाद) और अन्य स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाने की योजना है।

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कलाकार: 2026 की सूची अभी घोषित नहीं

गंगा महोत्सव 2026 के किसी भी कलाकार का नाम आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुआ है। ट्रैवल और बुकिंग साइटों पर दिख रही '2026 कलाकार' सूचियाँ अनुमान भर हैं। पिछले आयोजनों से अंदाज़ा मिलता है कि मंच कैसा रहता है:

  • 2025 (1–4 नवंबर, राजघाट और नमो घाट): भजन गायक हंसराज रघुवंशी ने समापन किया; पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने लोकगीत और पद्मश्री गीता चंद्रन ने भरतनाट्यम प्रस्तुत किया। बाकी शामों में ओडिसी, कथक, सितार-वायलिन और सितार-सरोद जुगलबंदी तथा लोकनृत्य हुए।
  • 2024 (12–14 नवंबर, अस्सी घाट): पहली शाम पद्मभूषण पंडित साजन मिश्र का गायन हुआ, साथ में हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई, मथुरा समेत कई शहरों के कलाकार आए।
  • 2006 (राजेंद्र प्रसाद घाट): उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान के बेटों ने शहनाई और तबले से उद्घाटन किया, और लखनऊ की श्वेता मिश्रा ने कथक में गंगा अवतरण की कथा प्रस्तुत की।

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समय, प्रवेश और पास

आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं — यात्रा से पहले जाँच लें

2026 का समय अभी घोषित नहीं हुआ है। 2025 में कार्यक्रम हर शाम 4 बजे शुरू होते थे, और 2024 में शाम 5 बजे से रात 1 बजे तक चले थे। इस बार भी शाम से शुरुआत की उम्मीद रखें और आधिकारिक कार्यक्रम आने पर समय मिला लें।

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सभाएँ खुले घाट पर होती हैं। 2024 और 2025 के आयोजनों में किसी टिकट या आम जनता के पास की ख़बर नहीं थी, और 2025 की एक महोत्सव गाइड ने प्रवेश को निःशुल्क और सबके लिए खुला बताया था। मंच के सामने की जगह जल्दी भर जाती है, इसलिए उसी गाइड ने शाम 3:30 बजे तक पहुँचने की सलाह दी थी। 2026 के प्रवेश नियम अभी घोषित नहीं हुए हैं। जब तक आयोजक ख़ुद पास की बात न कहें, 'गंगा महोत्सव पास' के नाम पर किसी को पैसे न दें।

स्रोत: [6] · [7] · [8] · [9]

राजघाट और नमो घाट कैसे पहुँचें

राजघाट शहर के घाटों के उत्तरी छोर पर, मालवीय पुल के पास है, जहाँ वरुणा गंगा से मिलती है। सबसे नज़दीकी बड़ा रेलवे स्टेशन वाराणसी जंक्शन (कैंट) है और हवाई अड्डा लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा। छोटा काशी रेलवे स्टेशन घाट के ठीक ऊपर ऊँचे तट पर है। नमो घाट नदी के साथ-साथ उत्तर की ओर थोड़ी पैदल दूरी पर है, और उसका चौड़ा, बिना सीढ़ियों वाला तट दक्षिणी घाटों की खड़ी सीढ़ियों के मुक़ाबले बुज़ुर्गों और बच्चों की गाड़ी के लिए आसान है।

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2026 की महोत्सव शामों के लिए कोई यातायात या पार्किंग योजना अभी जारी नहीं हुई है। पिछले वर्षों में प्रशासन ने पुलिस को यातायात संभालने और नगर निगम को घाटों पर बैरिकेडिंग करने को कहा था। आख़िरी शाम के ठीक बाद देव दीपावली है, जिसकी यातायात व्यवस्था अलग होती है (हमारी देव दीपावली 2026 गाइड देखें), इसलिए 24 तारीख़ की योजना अलग से बनाएँ। राजघाट तक ई-रिक्शा या ऑटो लेकर थोड़ा पैदल चलना आम तौर पर गाड़ी ले जाने से आसान रहता है।

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आयोजन कौन करता है

गंगा महोत्सव उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग का राज्य स्तरीय आयोजन है। 2025 में विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार ने कलाकारों की सूची जारी की थी। घाट, सुरक्षा, सफ़ाई और यातायात की व्यवस्था वाराणसी मंडल और ज़िला प्रशासन देखता है। महोत्सव किस वर्ष शुरू हुआ, इसका कोई भरोसेमंद स्रोत हमें नहीं मिला, इसलिए हम कोई साल नहीं लिख रहे। उत्तर प्रदेश पर्यटन के अपने पेज पर यह जानकारी नहीं है, और ट्रैवल ब्लॉगों में दी गई तारीख़ें आपस में मेल नहीं खातीं।

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यात्रा की योजना

देव दीपावली से कुछ दिन पहले वाराणसी पहुँचने के लिए गंगा महोत्सव अच्छी वजह है। इसकी शामें देव दीपावली की रात से कहीं शांत रहती हैं, और 24 तारीख़ के लिए होटल और नावें जल्दी भर जाती हैं, इसलिए जो भी रातें चुनें, बुकिंग पहले कर लें।

  • 20–23 नवंबर (प्रस्तावित): राजघाट और नमो घाट पर शाम की सभाएँ।
  • 24 नवंबर: देव दीपावली, हर घाट पर दीये। समय, नाव और यातायात के लिए हमारी देव दीपावली 2026 गाइड देखें।
  • सुबह: शाम की भीड़ से पहले घाटों पर टहलने या सूर्योदय की नाव सैर के लिए शांत समय।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गंगा महोत्सव 2026 कब है?

वाराणसी में यह 20–23 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है, 24 नवंबर की देव दीपावली से ठीक पहले। ये तारीख़ें अगस्त 2026 की तैयारी बैठक की स्थानीय ख़बरों से हैं। 4 नवंबर 2026 तक आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ था।

गंगा महोत्सव कहाँ मनाया जाता है?

वाराणसी के घाटों पर। 2026 में मुख्य मंच राजघाट पर प्रस्तावित है और 2025 की तरह नमो घाट पर भी कार्यक्रम होंगे। 2024 में यह अस्सी घाट पर हुआ था।

गंगा महोत्सव 2026 में कौन-से कलाकार आएँगे?

अभी किसी कलाकार की घोषणा नहीं हुई है। प्रशासन के अनुसार काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव के विजेताओं और गुरुकुल के विद्यार्थियों समेत स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा। 2025 में हंसराज रघुवंशी, मालिनी अवस्थी और गीता चंद्रन मुख्य आकर्षण थे।

क्या गंगा महोत्सव का टिकट लगता है?

2024 और 2025 में खुले घाटों पर हुए आयोजनों के लिए किसी टिकट की ख़बर नहीं थी, और 2025 की एक गाइड ने प्रवेश निःशुल्क बताया था। 2026 के प्रवेश नियम अभी घोषित नहीं हुए हैं।

गंगा महोत्सव किस समय शुरू होता है?

2026 का समय अभी घोषित नहीं हुआ है। 2025 में कार्यक्रम हर शाम 4 बजे शुरू होते थे, और 2024 में शाम 5 बजे से रात 1 बजे तक चले थे।

क्या गंगा महोत्सव और देव दीपावली एक ही हैं?

नहीं। गंगा महोत्सव देव दीपावली से पहले की शामों में होने वाली संगीत-नृत्य सभाओं की शृंखला है, जिसका समापन देव दीपावली के साथ होता है। 2026 में देव दीपावली 24 नवंबर को है।

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