
लहरतारा — संत कबीर प्राकट्य स्थलLahartara — Sant Kabir Prakatya Sthal
- समयसमय प्रकाशित नहीं; दिन में खुला (बताया गया) — स्थानीय रूप से पुष्टि करें
- प्रवेशकोई टिकट नहीं बताया गया
- कितना समय लगेगा30 से 45 मिनट
- उत्तम समयसुबह; कबीर जयंती (ज्येष्ठ पूर्णिमा, मई–जून), जब पंथ यहाँ और कबीर चौरा में प्राकट्य दिवस मनाता है
वाराणसी कैंट स्टेशन से लगभग 2.5 किमी दूर लहरतारा का तालाब, जहाँ परंपरा के अनुसार जुलाहा दंपती नीरू और नीमा को शिशु कबीर कमल पर मिले।


