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संध्या में आलोकित काशी विश्वनाथ मंदिर का स्वर्ण शिखर, वाराणसी
काशी यात्रा गाइड

काशी विश्वनाथ आरती का समय: मंगला, सप्तऋषि, शयन आरती, टिकट और बुकिंगKashi Vishwanath aarti timings: Mangala, Sapta Rishi, tickets, booking

Kashidwar द्वारा ·

  • मंगला आरतीसुबह 3–4 · ₹500 · प्रवेश 2:30–3 बजे
  • भोग आरतीलगभग 11:15–12:20 · ₹300
  • सप्तऋषि आरतीशाम 7 से लगभग 8:15 · ₹300
  • शृंगार और शयनशृंगार रात 9 (₹300) · शयन रात 10:30
  • बुकिंगकेवल shrikashivishwanath.org या उसका ऐप; एक बुकिंग में 5 तक
  • साथ मेंअंदर फ़ोन नहीं; छपा टिकट और पहचान पत्र

काशी विश्वनाथ मंदिर में हर दिन पाँच आरतियाँ होती हैं, भोर से पहले की मंगला आरती से लेकर कपाट बंद होने से पहले की शयन आरती तक। इस गाइड में उनका समय, किन आरतियों के लिए टिकट लगता है, उनका शुल्क और केवल मंदिर न्यास के माध्यम से बुकिंग का तरीका दिया गया है। जानकारी 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार है; न्यास के अपने पेजों में कुछ समय अलग हैं, और हमने दोनों दिए हैं।

पाँचों आरतियाँ एक नज़र में

आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं — यात्रा से पहले जाँच लें

बाबा विश्वनाथ की दिन में पाँच आरतियाँ होती हैं। आरती के समय सामान्य दर्शन रुकता है और आरतियों के बीच के समय में चलता है। न्यास के बुकिंग पेज और FAQ में अवधि अनुष्ठान पेज से लंबी दी गई है; जहाँ अंतर है, वहाँ दोनों समय दिए गए हैं। योजना लंबी अवधि मानकर बनाएँ।

  • मंगला आरती: सुबह 3 से 4 बजे। टिकट ₹500। प्रवेश 2:30 से 3 बजे तक।
  • मध्याह्न भोग आरती: बुकिंग पेज व FAQ के अनुसार 11:15 से 12:20 बजे; अनुष्ठान पेज के अनुसार 11:30 से 12 बजे। टिकट ₹300।
  • सप्तऋषि आरती: बुकिंग पेज व FAQ के अनुसार शाम 7 से 8:15 बजे; अनुष्ठान पेज के अनुसार 7 से 8:30 बजे। टिकट ₹300।
  • श्रृंगार-भोग आरती: बुकिंग पेज व FAQ के अनुसार रात 9 से 10:15 बजे; अनुष्ठान पेज के अनुसार रात 9 बजे। टिकट ₹300।
  • शयन आरती: अनुष्ठान पेज के अनुसार रात 10:30 बजे। न्यास की बुकिंग सूची में नहीं है। मंदिर रात 11 बजे बंद होता है।
  • सामान्य दर्शन: सुबह 4 से 11 बजे, दोपहर 12:20 से शाम 7 बजे (अनुष्ठान पेज: दोपहर 12 बजे से) और रात 8:30 से 9 बजे।
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अनुष्ठान पेज के अनुसार मंदिर रात 2:30 बजे खुलता है, जबकि FAQ में 3 बजे लिखा है। दोनों के अनुसार मंदिर रात 11 बजे बंद होता है। नीचे दिए समय 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित जानकारी के अनुसार हैं।

स्रोत: [1] · [2] · [4] · [5] · [6] · [7]

मंगला आरती

मंगला आरती दिन की पहली आरती है, जो सूर्योदय से पहले ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 3 से 4 बजे होती है। इसमें केवल टिकटधारी शामिल होते हैं। श्रद्धालुओं को 2:30 से 3 बजे के बीच प्रवेश मिलता है, और हर श्रद्धालु को टिकट की छपी प्रति के साथ पहचान पत्र रखना अनिवार्य है।

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न्यास दो कोटे में टिकट देता है, दोनों की बुकिंग रोज़ सुबह 11 बजे खुलती है। सामान्य टिकट अगले 30 दिनों के लिए मिलते हैं; इनके धारक गेट नंबर 1 (ढुंढिराज गणेश) से प्रवेश करते हैं और साउथ LED क्षेत्र में बैठते हैं। तत्काल टिकट केवल अगले दिन के लिए मिलते हैं; इनके धारक गेट 4B से प्रवेश करते हैं और नॉर्थ LED क्षेत्र में बैठते हैं। 12 अक्टूबर 2026 को कैलेंडर में अधिकतर तिथियों के सामान्य टिकट बिक चुके थे और हर दिन के लिए 100 का तत्काल कोटा दिख रहा था।

स्रोत: [2] · [4]

सप्तऋषि आरती

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न्यास के अनुसार सप्तऋषि आरती 750 वर्ष से अधिक पुरानी परंपरा है। अलग-अलग गोत्र के सात शास्त्री एक साथ आरती करते हैं। मान्यता है कि सप्तऋषि हर संध्या बाबा की आरती करने आते हैं।

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आरती शाम 7 बजे शुरू होती है। बुकिंग पेज और FAQ में समापन 8:15 बजे और अनुष्ठान पेज में 8:30 बजे लिखा है। टिकटधारियों को शाम 6:30 बजे प्रवेश करने की सलाह है। पूर्णिमा के दिन आरती एक घंटा पहले शुरू होती है।

स्रोत: [1] · [2] · [6]

टिकट और शुल्क

चार आरतियों के लिए टिकट लगता है। 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों का प्रवेश निःशुल्क है। एक बुकिंग में अधिकतम पाँच लोग हो सकते हैं। टिकट न रद्द होता है, न शुल्क वापस होता है और न तिथि बदलती है; FAQ के अनुसार यह राशि मंदिर को दान मानी जाती है।

  • मंगला आरती: ₹500
  • मध्याह्न भोग आरती: ₹300
  • सप्तऋषि आरती: ₹300
  • श्रृंगार-भोग आरती: ₹300
  • शयन आरती: कोई टिकट सूचीबद्ध नहीं
  • सुगम दर्शन: ₹300 प्रति व्यक्ति
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सुगम दर्शन, यानी शास्त्री के साथ बिना कतार के दर्शन, का शुल्क 12 अक्टूबर 2026 को बुकिंग पेज और FAQ दोनों में ₹300 है। कुछ अन्य वेबसाइटों पर ₹250 लिखा मिलता है, पर न्यास के किसी पेज पर हमें यह राशि नहीं मिली। आरती के समय सुगम दर्शन नहीं होता। पर्वों पर शुल्क अलग हो सकता है: सावन 2022 में न्यास ने मंगला आरती के ₹1,000 और अन्य आरतियों के ₹500 लिए थे। सावन 2026 की दरें हमें नहीं मिलीं।

स्रोत: [2] · [3] · [4] · [5] · [6] · [7] · [8] · [19]

बुकिंग कैसे करें (केवल आधिकारिक माध्यम)

बुकिंग shrikashivishwanath.org पर या उसी साइट से जुड़े न्यास के अपने ऐप पर करें। लॉग इन करें, आरती, तिथि और व्यक्तियों की संख्या चुनें, और भुगतान करें। ऑनलाइन बुकिंग अगले दिन से होती है; उसी दिन के टिकट केवल न्यास के काउंटरों पर मिलते हैं: गेट नंबर 4 के पास हेल्पडेस्क, यात्री सुविधा केंद्र (YSK-1, 2 और 3), मंदिर चौक, मंदिर परिसर और दशाश्वमेध घाट।

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मिलती-जुलती नक़ली वेबसाइटों ने आरती और सुगम दर्शन की बुकिंग के नाम पर पैसे लिए हैं; 2025 में सामने आई एक ऐसी साइट ने लगभग ₹10 लाख वसूले। 2026 में पुलिस ने गाइड या पुजारी बनकर 'सुगम' या 'VIP' दर्शन बेचने वालों को गिरफ़्तार किया। न्यास किसी एजेंट से टिकट नहीं बेचता। यदि खाते से पैसा कट जाए पर बुकिंग न हो, तो FAQ के अनुसार 7 कार्यदिवस में राशि लौटती है; हेल्पलाइन 6393131608 या support@shrikashivishwanath.org है।

स्रोत: [2] · [3] · [8] · [16] · [17] · [18]

आरती के दिन: पहुँचने का समय, द्वार, क्या साथ रखें

आरती से आधा घंटा पहले पहुँचें: मंगला के लिए रात 2:30, भोग के लिए सुबह 10:45, सप्तऋषि के लिए शाम 6:30 और श्रृंगार-भोग के लिए रात 8:30 बजे। मंगला आरती के टिकटधारी अपने कोटे के लिए लिखे गेट से जाएँ; अन्य आरतियों के लिए FAQ के अनुसार किसी भी गेट से प्रवेश हो सकता है। प्रवेश द्वार पर छपा टिकट दिखाएँ और पहचान पत्र साथ रखें।

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FAQ के अनुसार कोई भी इलेक्ट्रॉनिक या गैर-इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पेन तक, भीतर नहीं ले जा सकते; मोबाइल, स्मार्टवॉच और ईयरफ़ोन वर्जित हैं। निःशुल्क लॉकर मंदिर चौक, YSK-1, YSK-2, YSK-3 और हेल्पडेस्क पर हैं। कोई ड्रेस कोड नहीं है, पर न्यास शालीन वस्त्र पहनने का आग्रह करता है।

दिव्यांग श्रद्धालुओं से दर्शन का कोई शुल्क नहीं लिया जाता। सावन 2026 में प्रशासन ने धाम में बुज़ुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए ई-रिक्शा और निःशुल्क गोल्फ़ कार्ट चलाए; अन्य दिनों में यह सुविधा है या नहीं, हेल्पडेस्क से पूछें।

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पर्व के दिन और श्रावण

महाशिवरात्रि पर सामान्य समय-सारणी की जगह रात भर चार प्रहर की आरतियाँ होती हैं। 15 फ़रवरी 2026 के लिए न्यास ने मंगला आरती रात 2:15 से 3:15 बजे, कपाट 3:30 बजे खुलना, भोग आरती 11:40 से 12:20 बजे, और प्रहर आरतियाँ रात 10 से 12:30, 1:30 से 2:30, 3:30 से 4:30 और सुबह 5 से 6:15 बजे घोषित कीं, जिनके दौरान दर्शन चलते रहे। 15 और 16 फ़रवरी की सभी ऑनलाइन बुकिंग रद्द की गईं और मंदिर 45 घंटे खुला रहा।

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श्रावण (सावन) के सोमवारों को बाबा का विशेष श्रृंगार होता है और सबसे अधिक भीड़ रहती है। 2026 में 10, 17 और 24 अगस्त के सोमवारों को सुगम दर्शन नहीं हुआ, और सावन की अधिकतर तिथियों के मंगला आरती टिकट पहले ही बिक गए; एक स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार दैनिक कोटा 100 था। सावन सोमवार की आरतियों का सटीक समय प्रकाशित नहीं हुआ, इसलिए जाने से पहले न्यास की साइट देखें।

स्रोत: [10] · [11] · [12] · [13] · [14]

यदि आप उपस्थित न हो सकें

न्यास अपनी वेबसाइट और आधिकारिक YouTube चैनल पर लाइव दर्शन प्रसारित करता है; सावन 2026 में प्रशासन ने Tata Sky चैनल भी बताया। सावन 2026 में धाम में सात स्थानों पर LED स्क्रीन पर लाइव दर्शन दिखाए गए।

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न्यास ₹700 में वीडियो कॉन्फ़्रेंस द्वारा एक शास्त्री का रुद्राभिषेक भी कराता है, जिसकी बुकिंग इसी पोर्टल पर होती है। दर्शन के समय, सुगम दर्शन और प्रवेश नियमों के लिए हमारी काशी विश्वनाथ दर्शन गाइड देखें।

स्रोत: [3] · [9] · [14] · [15]

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काशी विश्वनाथ आरती का समय क्या है?

न्यास के बुकिंग पेज और FAQ के अनुसार मंगला 3 से 4 बजे, मध्याह्न भोग 11:15 से 12:20 बजे, सप्तऋषि शाम 7 से 8:15 बजे, श्रृंगार-भोग रात 9 से 10:15 बजे और शयन रात 10:30 बजे। अनुष्ठान पेज पर अवधि कुछ कम दी गई है।

मंगला आरती टिकट का शुल्क कितना है?

अक्टूबर 2026 में आधिकारिक पोर्टल पर ₹500 प्रति व्यक्ति। 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों का प्रवेश निःशुल्क है।

काशी विश्वनाथ आरती की ऑनलाइन बुकिंग कैसे करें?

केवल shrikashivishwanath.org या न्यास के ऐप पर। मंगला आरती के सामान्य टिकट सुबह 11 बजे अगले 30 दिनों के लिए और तत्काल टिकट 11 बजे अगले दिन के लिए खुलते हैं। नक़ली साइटों और एजेंटों से बचें।

सप्तऋषि आरती कब होती है?

हर शाम 7 बजे से, अलग-अलग गोत्र के सात शास्त्रियों द्वारा। बुकिंग पेज के अनुसार यह 8:15 बजे (अनुष्ठान पेज के अनुसार 8:30 बजे) समाप्त होती है, और पूर्णिमा पर एक घंटा पहले शुरू होती है।

क्या शयन आरती का टिकट होता है?

रात 10:30 बजे की शयन आरती न्यास की बुकिंग सूची में नहीं है। मंदिर रात 11 बजे बंद होता है।

क्या आरती की बुकिंग रद्द या बदली जा सकती है?

नहीं। न्यास आरती टिकट न रद्द करता है, न शुल्क लौटाता है और न तिथि बदलता है।

क्या आरती में मोबाइल ले जा सकते हैं?

नहीं। मोबाइल, स्मार्टवॉच, ईयरफ़ोन और अन्य उपकरण, पेन तक, वर्जित हैं। मंदिर चौक, YSK या हेल्पडेस्क के निःशुल्क लॉकर का उपयोग करें।

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