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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का नदी की ओर का प्रवेश-द्वार, गंगा द्वार
काशी यात्रा गाइड

बनारस में न्यू ईयर 2027: नए साल पर काशी विश्वनाथ भीड़, नियम, घाटNew Year in Varanasi 2027: Kashi Vishwanath crowd, rules, ghats

Kashidwar द्वारा ·

  • तिथिगुरु 31 दिसंबर 2026 – शुक्र 1 जनवरी 2027; भीड़ लगभग 24 दिसंबर से
  • पिछले साल भीड़31 दिसंबर 2025 तक एक हफ़्ते में 20 लाख+ दर्शन (मंदिर सीईओ)
  • विशेष दर्शन2025-26 में वीआईपी, प्रोटोकॉल, स्पर्श दर्शन 24 दिसंबर–2/3 जनवरी तक बंद
  • ट्रैफ़िक2025-26 में मंदिर के पास केवल दोपहिया; पैदल जाएँ
  • नावरात 8:30 के बाद नौकायन नहीं; किराया पहले तय करें
  • कोहराट्रेनें और उड़ानें घंटों लेट; एक दिन अतिरिक्त रखें

नया साल अब वाराणसी के सबसे व्यस्त समय में से एक है। 1 जनवरी 2026 से पहले के एक हफ़्ते में काशी विश्वनाथ में 20 लाख से अधिक लोगों ने दर्शन किए, विशेष दर्शन बंद रहे और पुराने शहर में गाड़ियाँ रोकी गईं। यहाँ जानिए पिछले दो नए सालों में क्या हुआ, 31 दिसंबर 2026 और 1 जनवरी 2027 को मंदिर और ट्रैफ़िक के कैसे नियम हो सकते हैं, रात में घाट और नाव, ठंड और कोहरा, और न्यू ईयर पार्टी व कार्यक्रमों के बारे में क्या पता है और क्या नहीं।

नए साल पर बनारस में कितनी भीड़ होती है?

बहुत ज़्यादा। पिछले कुछ वर्षों में नया साल काशी विश्वनाथ धाम के सबसे व्यस्त हफ़्तों में गिना जाने लगा है, और भीड़ 31 दिसंबर से नहीं, क्रिसमस के आसपास से बढ़ने लगती है। 2025-26 में मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि 24 दिसंबर से भीड़ बढ़ रही थी। तीन दिनों में 11 लाख से अधिक और 31 दिसंबर तक के एक हफ़्ते में 20 लाख से अधिक लोगों ने दर्शन किए। प्रशासन ने 3 लाख से अधिक भीड़ वाले दिनों की विशेष व्यवस्था लागू की, और ख़बरों के अनुसार शहर में रोज़ लगभग 4 लाख लोग पहुँच रहे थे।

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उससे पिछले साल के रोज़ के आँकड़े दिखाते हैं कि भीड़ कैसे बढ़ती है। अमर उजाला के अनुसार 21 दिसंबर 2024 को 1.8 लाख, 27 दिसंबर को 2.7 लाख और 28 दिसंबर को 3.25 लाख से अधिक दर्शन हुए। उसी दिन काल भैरव की कतार गलियों में लगभग 3 किलोमीटर लंबी थी। 1 जनवरी 2025 को पीटीआई ने बताया कि भक्त सुबह 3 बजे से कतार में थे और रात 8 बजे तक 6 से 8 लाख दर्शन हो चुके थे (मंदिर की ओर से दोनों आँकड़े आए)। इससे पहले 2022 में 5 लाख से अधिक और 2023 में 6 लाख लोग नए साल पर पहुँचे थे।

31 दिसंबर 2026 (गुरुवार) और 1 जनवरी 2027 (शुक्रवार) के लिए भी इतनी ही भीड़ मानकर चलें। 4 नवंबर 2026 तक इस नए साल के लिए न भीड़ का अनुमान आया था, न कोई व्यवस्था घोषित हुई थी।

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नए साल पर काशी विश्वनाथ में दर्शन के नियम

2025-26 में मंदिर प्रशासन ने 24 दिसंबर से वीआईपी, प्रोटोकॉल और स्पर्श दर्शन रोक दिए थे। सभी श्रद्धालु एक ही कतार से झांकी दर्शन कर रहे थे, यानी गर्भगृह के बाहर से ज्योतिर्लिंग के दर्शन, ज़िग-ज़ैग बैरिकेडिंग के बीच से। रोक कब तक रहेगी, इस पर ख़बरें अलग हैं: फ़्री प्रेस जर्नल ने 3 जनवरी 2026 और एबीपी ने 2 जनवरी बताया। सीईओ ने कहा था कि इसके बाद समीक्षा होगी। 1 जनवरी को अमर उजाला ने बताया कि विशेष और स्पर्श दर्शन बंद थे और गंगा द्वार समेत सभी गेटों पर भारी भीड़ थी।

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2024-25 में पाबंदियाँ देर से और कम थीं। स्पर्श दर्शन 31 दिसंबर और 1 जनवरी को बंद रहे। अमर उजाला के अनुसार 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक कोई नई बुकिंग नहीं हुई; मिलेनियम पोस्ट ने यह तारीख़ 4 जनवरी बताई। सुगम दर्शन, अभिषेक और ज़्यादातर आरतियों के ऑनलाइन टिकट जनवरी तक पहले ही भर चुके थे।

2026-27 के लिए इसका मतलब: पहले से ख़रीदा सुगम दर्शन या आरती का टिकट शायद न चले, और स्पर्श दर्शन की संभावना कम है। एक ही सामान्य कतार मानकर चलें। मंदिर न्यास आमतौर पर दिसंबर के आख़िरी हफ़्ते में नए साल की व्यवस्था बताता है, इसलिए जाने से पहले shrikashivishwanath.org और स्थानीय ख़बरें देखें।

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मंदिर कब जाएँ

सबसे भरोसेमंद तरीका है कि दर्शन 31 दिसंबर और 1 जनवरी से हटाकर करें। एक हफ़्ता या उससे पहले जाएँ, या जनवरी के शुरुआती दिनों के बाद। पिछले दोनों वर्षों में भीड़ लगभग 21 से 24 दिसंबर से लगातार बढ़ी और साल बदलते समय सबसे ज़्यादा रही।

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अगर 1 जनवरी को ही जाना है, तो मानकर चलें कि कतार भोर से पहले शुरू होगी और शाम तक गलियों में फैली रहेगी। 28 दिसंबर 2024 को लाइन गोदौलिया से आगे निकलकर शाम 6 बजे तक बांसफाटक तक पहुँच गई थी। फ़ोन, बैग और जूते होटल या लॉकर में छोड़ें, पानी साथ रखें और कतार में लगने से पहले कुछ खा लें। 2025-26 में मंदिर ने कतार में ओआरएस, पानी और अतिरिक्त मेडिकल टीमें लगाई थीं। काल भैरव और संकट मोचन में भी भारी भीड़ रहती है और वहाँ अलग पुलिस तैनाती होती है।

स्रोत: [4] · [10] · [11]

ट्रैफ़िक, नो-व्हीकल ज़ोन और आवाजाही

मंदिर तक आख़िरी हिस्सा पैदल चलने की योजना बनाएँ। 2025-26 में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा था कि मंदिर के आसपास केवल दोपहिया वाहनों को अनुमति होगी, पैदल मार्ग बनाए गए और पूरे शहर में बैरिकेडिंग हुई। आज तक के अनुसार मंदिर तक जाने वाले मुख्य रास्ते नो-व्हीकल ज़ोन थे, ई-रिक्शा भी बंद थे, और गोदौलिया व कैंट में लंबा जाम लगा। 2024-25 में मैदागिन–गोदौलिया मार्ग पर वाहन बंद थे और पुलिस ने बड़े मंदिरों और घाटों से वाहनों को दूर रखने के लिए 36 बैरियर लगाए थे।

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नमो घाट पर भी 1 जनवरी को भारी भीड़ होती है। 1 जनवरी 2026 को पुलिस ने राजघाट पुल पर शाम 4 से 6 बजे तक चार पहिया वाहन रोककर पड़ाव से डायवर्ट किए। वाराणसी कैंट स्टेशन पर रेलवे ने ठंड से बचाव के लिए होल्डिंग एरिया और मेडिकल टीमें लगाईं। डायवर्जन के आदेश हर साल बदलते हैं और आमतौर पर 30 या 31 दिसंबर को आते हैं।

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31 दिसंबर को घाट, गंगा आरती और नाव

बहुत से लोग नए साल की पूर्व संध्या घाटों पर बिताते हैं। दशाश्वमेध की शाम की गंगा आरती सर्दियों में लगभग 6 बजे शुरू होती है, गर्मियों से एक घंटा पहले, और सुबह की आरती लगभग 5:30 बजे हो जाती है। अस्सी घाट पर 1 जनवरी को रोज़ की तरह भोर की आरती होती है; 2024-25 में आयोजकों ने उस दिन बड़ी आरती की तैयारी की थी, और एएनआई के अनुसार 1 जनवरी 2026 को वहाँ भारी भीड़ थी।

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नाव पर सबसे ज़्यादा जोखिम है। जल पुलिस ने मई 2024 से रात 8:30 के बाद नौकायन पर रोक लगा रखी है, जो अब भी लागू है, इसलिए आधी रात को नाव की सैर नहीं होती। 2025-26 में पुलिस ने नाविकों को ओवरलोडिंग न करने की चेतावनी दी, और उससे पिछले साल एनडीआरएफ़, जल पुलिस और पीएसी की टीमें घाटों पर तैनात थीं। नाव में बैठने से पहले किराया तय कर लें: 31 दिसंबर 2024 को अमर उजाला ने पाया कि जिस सैर का सामान्य किराया लगभग ₹200 है, उसके लिए नाविक लगभग ₹1,000 ले रहे थे। गोदौलिया से काल भैरव तक ई-रिक्शा का किराया ₹30–40 से बढ़कर ₹100 प्रति व्यक्ति हो गया था।

स्रोत: [17] · [13] · [20] · [16] · [7] · [11] · [14]

न्यू ईयर पार्टी, कार्यक्रम और होटल

आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं — यात्रा से पहले जाँच लें

वाराणसी में नए साल की पूर्व संध्या पर कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं होता, और जिन वर्षों की हमने जाँच की उनमें शहर की ओर से किसी काउंटडाउन या आतिशबाज़ी की ख़बर नहीं मिली। ज़्यादातर लोगों के लिए जश्न का मतलब है शाम की आरती, घाटों पर टहलना और अगली सुबह दर्शन। होटल, रेस्टोरेंट और क्रूज़ संचालक न्यू ईयर डिनर और पैकेज बेचते हैं, पर ये व्यावसायिक हैं और हर साल बदलते हैं। 2026-27 के किसी कार्यक्रम या उसकी कीमत की कोई ख़बर हमें नहीं मिली, इसलिए हम यहाँ कोई सूची नहीं दे रहे। जो भी बुक करें, सीधे आयोजक से पुष्टि करें।

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कमरा जल्दी बुक करें। 31 दिसंबर 2024 को ईटीवी भारत ने बताया कि सभी होटल भरे थे और आमतौर पर लगभग ₹1,000 प्रति रात वाले कमरे ₹4,000–5,000 में मिल रहे थे। ये ख़बरों में आए आँकड़े हैं, कोई आधिकारिक दर नहीं। 2023 के नए साल पर ही ओयो के संस्थापक ने कहा था कि नए साल की बुकिंग में वाराणसी गोवा से आगे निकल रहा है।

काशी सबसे पहले एक तीर्थ नगरी है। 2019 में नगर निगम की कार्यकारिणी ने मंदिरों और धरोहर स्थलों के 250 मीटर के दायरे में शराब और मांसाहार पर रोक का प्रस्ताव पास किया था, पर हम पुष्टि नहीं कर सके कि यह लागू है। नियम जो भी हो, घाटों पर या मंदिरों के पास शराब पीना ठीक नहीं माना जाता, और इन रातों में पुलिस वाहनों और भीड़ पर कड़ी नज़र रखती है।

स्रोत: [13] · [23] · [22]

ठंड, कोहरा और लेट ट्रेनें

दिसंबर के आख़िर में ठंड रहती है। वाराणसी के लिए आईएमडी के सामान्य आँकड़ों में दिसंबर का औसत न्यूनतम तापमान लगभग 10 °C और जनवरी का 9 °C है, जबकि दिन में 22–24 °C रहता है। भोर में घाटों पर ठंड और ज़्यादा लगती है। 2025-26 में ख़बरों में शहर में भीषण शीतलहर और घने कोहरे की बात थी, और लोग ठंड में घंटों कतार में खड़े थे। गर्म कपड़े, टोपी और गर्म मोज़े साथ रखें।

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कोहरे से यात्रा बिगड़ती है। 28 दिसंबर 2025 को उत्तर भारत में चार दर्जन से अधिक ट्रेनें लेट चलीं, कुछ 4 से 9 घंटे तक, और एयरलाइनों ने वाराणसी हवाई अड्डे पर कम दृश्यता की चेतावनी दी। 6 जनवरी 2026 को बाबतपुर में 26 उड़ानें प्रभावित हुईं। आगे की ट्रेन या फ़्लाइट से पहले एक दिन अतिरिक्त रखें और स्टेशन निकलने से पहले स्टेटस देख लें।

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ज़रूरी बातें

31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए संक्षेप में:

  • जाने से पहले होटल बुकिंग पक्की कर लें; कमरे भर जाते हैं
  • दिसंबर के आख़िरी हफ़्ते में मंदिर न्यास की नए साल की सूचना देखें
  • भीड़ वाले दिनों में सुगम दर्शन, आरती टिकट या स्पर्श दर्शन के भरोसे न रहें
  • आख़िरी हिस्सा पैदल चलें; मंदिर के पास कार या ई-रिक्शा न मिलने की उम्मीद रखें
  • नाव और ई-रिक्शा का किराया पहले तय करें; रात 8:30 के बाद नौकायन नहीं
  • फ़ोन और बैग छोड़कर आएँ या लॉकर लें; पानी साथ रखें
  • कोहरे का ध्यान रखें: ट्रेन और फ़्लाइट से पहले एक दिन अतिरिक्त रखें
  • आपातकाल में 112 डायल करें

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नए साल पर काशी विश्वनाथ में कितनी भीड़ होती है?

बहुत ज़्यादा। 2025-26 में मंदिर के सीईओ के अनुसार 31 दिसंबर तक के एक हफ़्ते में 20 लाख से अधिक दर्शन हुए, और 1 जनवरी 2025 को पीटीआई के अनुसार रात 8 बजे तक 6 से 8 लाख। कतार भोर से पहले लग जाती है।

नए साल पर सुगम दर्शन या स्पर्श दर्शन मिलता है?

भीड़ वाले दिनों में आमतौर पर नहीं। 2025-26 में वीआईपी, प्रोटोकॉल और स्पर्श दर्शन 24 दिसंबर से 2 या 3 जनवरी तक बंद रहे (ख़बरों में तारीख़ अलग है)। 2024-25 में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को स्पर्श दर्शन बंद रहे और उन दिनों की बुकिंग नहीं हुई। 2026-27 की सूचना आमतौर पर दिसंबर के आख़िर में आती है।

नए साल के आसपास काशी विश्वनाथ दर्शन का सबसे अच्छा समय क्या है?

हो सके तो 31 दिसंबर और 1 जनवरी से बचें। भीड़ लगभग 21–24 दिसंबर से बढ़ती है और साल बदलते समय सबसे ज़्यादा होती है, इसलिए क्रिसमस से काफ़ी पहले या जनवरी के शुरुआती दिनों के बाद जाएँ।

क्या वाराणसी में न्यू ईयर पार्टी या कार्यक्रम होते हैं?

शहर का कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं होता। होटल, रेस्टोरेंट और क्रूज़ संचालक न्यू ईयर डिनर और पैकेज बेचते हैं, पर ये हर साल बदलते हैं और 2026-27 की कोई सूची हमें ख़बरों में नहीं मिली। ज़्यादातर लोग शाम गंगा आरती और घाटों पर बिताते हैं।

क्या 31 दिसंबर की रात गंगा में नाव की सैर हो सकती है?

शाम को हाँ, देर रात नहीं: मई 2024 से रात 8:30 के बाद नौकायन पर रोक है। किराया पहले तय करें, क्योंकि नए साल पर किराया सामान्य से कई गुना होने की ख़बरें आई हैं, और भरी हुई नाव में न बैठें।

क्या 1 जनवरी को गाड़ी से काशी विश्वनाथ तक जा सकते हैं?

मंदिर तक नहीं। 2025-26 में मंदिर के आसपास केवल दोपहिया वाहनों को अनुमति थी और मुख्य रास्ते नो-व्हीकल ज़ोन थे, ई-रिक्शा भी बंद थे। पुराने शहर से दूर पार्क करें और पैदल जाएँ।

नए साल पर वाराणसी का मौसम कैसा रहता है?

ठंडा और अक्सर कोहरे वाला: औसत न्यूनतम लगभग 9–10 °C और अधिकतम 22–24 °C (आईएमडी सामान्य)। दिसंबर के आख़िर और जनवरी की शुरुआत में घना कोहरा ट्रेनें और उड़ानें लेट करता है, इसलिए एक दिन अतिरिक्त रखें।

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