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हिन्दूमंदिर

महामृत्युंजय महादेव मंदिरMahamrityunjay Mahadev Temple

  • समयलगभग सुबह 4 से दोपहर 12 बजे और शाम 5 से रात 12 बजे; आरती लगभग 5:30, 6:30 और 11:30 बजे (स्रोतों में अंतर)
  • प्रवेशकोई टिकट नहीं बताया गया
  • कितना समय लगेगा30 से 45 मिनट
  • उत्तम समयसुबह 5:30 की आरती के बाद; सोमवार, सावन (जुलाई–अगस्त) और महाशिवरात्रि पर सबसे भीड़

दारानगर में, दारानगर से काल भैरव जाने वाले मार्ग पर स्थित शिव मंदिर, जहाँ शिव मृत्युंजय, यानी मृत्यु पर विजय पाने वाले रूप में पूजे जाते हैं।

एक नज़र में

समय और शुल्क आधिकारिक स्रोत से पुष्ट नहीं हैं; जाने से पहले जाँच लें।

जानने योग्य

  • काल भैरव के साथ दर्शन करें: दोनों मैदागिन के उत्तर की पुरानी गलियों में हैं, पैदल या ई-रिक्शा से सबसे आसान।
  • कूप का जल ले जाना हो तो छोटी बोतल रखें; पुजारियों से पूछ लें कि आजकल जल कहाँ से मिलता है।
  • सोमवार को 40 सोमवार का संकल्प लेने वाले भक्त आते हैं; कतार से बचने के लिए जल्दी पहुँचें।
पूरी कहानी पढ़ें

वर्तमान भवन 18वीं सदी का है; भीतर के छोटे देवालय कहीं अधिक प्राचीन माने जाते हैं। शिवलिंग के पास एक पुराना कूप है, जिसके जल के बारे में ज़िला प्रशासन लिखता है कि वह कई भूमिगत धाराओं का मिश्रण है और रोगों में लाभकारी माना जाता है।

परंपरा है कि देवताओं के वैद्य धन्वंतरि ने अपनी औषधियाँ इसी कूप में डाली थीं, इसलिए भक्त इसका जल अपने ऊपर छिड़कते या घर ले जाते हैं। दिन भर महामृत्युंजय मंत्र का पाठ चलता है, और माना जाता है कि यहाँ सवा लाख जप से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।

स्रोत: Varanasi district administration — Temples of importance (Mritunjay Mahadev Temple) · Wikipedia — Mrityunjay Mahadev Mandir · Sri Mandir — Mrityunjay Mahadev Temple (map coordinates 25.3222, 83.0149) · Aaj Tak — Mrityunjay Mahadev, Maidagin: aarti three times a day, Monday worship (2014)

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