दरगाह-ए-फातमानDargah-e-Fatman
- समयकोई आधिकारिक समय प्रकाशित नहीं
- प्रवेशकोई टिकट नहीं बताया गया
- कितना समय लगेगा20 से 30 मिनट
- उत्तम समयसुबह, नमाज़ के समय से अलग; बिस्मिल्लाह ख़ाँ की जयंती और पुण्यतिथि (21 मार्च, 21 अगस्त)
नगर के लल्लापुरा–सिगरा इलाक़े में शिया दरगाह और क़ब्रिस्तान। ईरान से भारत आए फ़ारसी कवि और विद्वान शेख़ मुहम्मद अली हज़ीं, जिनका 1766 में बनारस में देहांत हुआ, यहीं दफ़न हैं।

