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सारनाथ हिरण पार्क में पेड़ों के नीचे चरते चीतल हिरण
बौद्धविरासत

सारनाथ हिरण पार्कSarnath Deer Park

  • समयसुबह 9 से शाम 5 बजे, शुक्रवार बंद (केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की सूची); 2024 की एक गाइड में मौसम अनुसार अंतिम प्रवेश पहले
  • प्रवेशलगभग ₹20 वयस्क · ₹10 बच्चे (भारतीय); ₹50 एशियाई · ₹100 अन्य विदेशी (2024 गाइड; पुरानी CZA सूची में ₹10 / ₹5)
  • कितना समय लगेगा30 से 45 मिनट
  • उत्तम समयसुबह खुलते ही, जब हिरण सबसे सक्रिय होते हैं और मौसम ठंडा रहता है; शुक्रवार छोड़कर कोई भी दिन

उत्खनित स्थल के पास बाड़ से घिरा हिरण उद्यान और मिनी चिड़ियाघर, जो सारनाथ के उस पुराने नाम को जीवित रखता है — मृगदाव, जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश दिया।

एक नज़र में

समय और शुल्क आधिकारिक स्रोत से पुष्ट नहीं हैं; जाने से पहले जाँच लें।

जानने योग्य

  • शुक्रवार को बंद, उसी दिन जब सारनाथ संग्रहालय बंद रहता है; 2024 की एक गाइड के अनुसार जुलाई और अगस्त में शुक्रवार को भी खुला रहता है।
  • उसी गाइड के अनुसार टिकट काउंटर पर नकद मिलते हैं; छुट्टे पैसे रखें।
  • चिड़ियाघर बंद हो तब भी पुरातात्विक स्थल से खाई के पार हिरण दिख जाते हैं।
पूरी कहानी पढ़ें

1956 में स्थापित यह पार्क वन विभाग के सामाजिक वानिकी प्रभाग, वाराणसी द्वारा चलाया जाता है और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से मिनी ज़ू के रूप में मान्यता प्राप्त है। खाई के पार चीतल और काले हिरण चरते हैं, पास ही पक्षियों के बाड़े और मगरमच्छ व घड़ियाल के बाड़े हैं।

पालि ग्रंथ इस स्थान को इसिपतन और मिगदाय, यानी मृगदाव कहते हैं, जहाँ बुद्ध ने धम्मचक्र प्रवर्तन किया। यह नाम उस कथा की याद दिलाता है जिसमें एक हिरण ने एक हिरणी को राजा के शिकार से बचाने के लिए अपना जीवन अर्पित किया, और द्रवित राजा ने यह वन हिरणों का अभयारण्य बना दिया।

स्रोत: Central Zoo Authority — Sarnath Deer Park information sheet · Wikipedia — Sarnath Deer Park (mini zoo, established 1956, CZA member since 1999) · Visit Sarnath — Deer Park animals (deer, gharial, crocodiles, emu, birds) and tickets · OpenStreetMap — Deer Park, Sarnath (way 103172567, tourism=zoo)

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