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काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी में जलकुंड के साथ भारत कला भवन संग्रहालय का अग्रभाग
साझी विरासतसंग्रहालय

भारत कला भवन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालयBharat Kala Bhavan, BHU

  • समयसोमवार से शनिवार सुबह 10:30 से शाम 4:30; मई-जून में सुबह 7:30 से दोपहर 1 बजे; रविवार और राष्ट्रीय अवकाश पर बंद
  • प्रवेश₹20 (भारतीय) · ₹250 (विदेशी) · ₹10 (पहचान-पत्र सहित छात्र) · बीएचयू छात्र व कर्मचारी निःशुल्क
  • कितना समय लगेगा1 से 2 घंटे
  • उत्तम समयकार्यदिवसों में खुलने के बाद सुबह; रविवार और राष्ट्रीय अवकाश पर बंद

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का कला एवं पुरातत्त्व संग्रहालय, जो 1 जनवरी 1920 को भारत कला परिषद के रूप में शुरू हुआ और 1950 से विश्वविद्यालय का अंग है।

एक नज़र में

जानने योग्य

  • मई और जून में संग्रहालय गर्मी के समय, सुबह 7:30 से दोपहर 1 बजे तक खुलता है, इसलिए जल्दी जाएँ।
  • बीएचयू के छात्र और कर्मचारी निःशुल्क; बाहर के छात्र वैध पहचान-पत्र दिखाकर ₹10 देते हैं।
  • हिमालय पर निकोलस रोरिक के चित्र और गुप्तकालीन गोवर्धनधारी कृष्ण अवश्य देखें; संग्रहालय के पेज पर ऐलिस बोनर वीथिका नवीनीकरण के लिए बंद बताई गई है।
पूरी कहानी पढ़ें

एक लाख से अधिक वस्तुओं का यह संग्रह विशेष रूप से लघुचित्रों और मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है; चौदह वीथिकाओं में बनारसी वस्त्र, सिक्के और मृण्मूर्तियाँ भी हैं। वर्तमान भवन का उद्घाटन 1962 में जवाहरलाल नेहरू ने किया।

यह संग्रह बनारस के हिंदी लेखक और अग्रणी कला-इतिहासकार राय कृष्णदास के जीवन भर के परिश्रम से बना। 1929 में यह काशी नागरी प्रचारिणी सभा में गया और वहीं इसका नाम भारत कला भवन पड़ा।

स्रोत: Bharat Kala Bhawan — About the Museum (Banaras Hindu University) · Bharat Kala Bhawan — Nicholas Roerich Gallery (Banaras Hindu University) · Wikipedia — Bharat Kala Bhavan (coordinates) · OpenStreetMap — Bharat Kala Bhavan (way 322459733) · Bharat Kala Bhawan — Home (Banaras Hindu University): timings and ticket charges · Incredible India (Ministry of Tourism) — Bharat Kala Bhavan

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