मुहर्रमMuharram
पिछली बार:
कर्बला में शहीद हुए इमाम हुसैन की याद में दस दिनों का मातम। काग़ज़, अभ्रक और बाँस से बने ताज़िये — जिनमें कुछ सबसे बारीक उत्तर भारत में शिवाला में बनते हैं — आशूरा को गलियों से होते हुए नगर की कर्बलाओं तक ले जाए जाते हैं, और हिन्दू परिवारों के कारीगर व अज़ादार भी लंबे समय से इस जुलूस का हिस्सा रहे हैं।

कैसे पहुँचें
शिवाला, दोषीपुरा और नगर के इमामबाड़े
वाराणसी कैसे पहुँचें
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (बाबतपुर) शहर से 25 किमी उत्तर-पश्चिम में है — दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद से सीधी उड़ानें; टैक्सी/प्रीपेड कैब से घाटों तक लगभग एक घंटा।
वाराणसी जंक्शन (कैंट) मुख्य स्टेशन है; बनारस (मंडुआडीह) और काशी स्टेशन भी हैं। दिल्ली से वंदे भारत लगभग 8 घंटे में; कैंट से गोदौलिया ऑटो से 20–30 मिनट।
स्रोत: Rana P.B. Singh — Muslim shrines and multi-religious visitations in Banaras (2013) · Wikipedia — Religion in Varanasi · Amar Ujala: Muharram 2026 date (25 Jun 2026) · India TV: Muharram holiday 2026, Ashura date
